Sunday, January 9, 2011

shahar

आज मेरा गाव  गाव  नहीं रहा
शहर बन गया है
छोटे शहर महानगर बन गए
आज मुझे मेरा शहर साइकिल चलाने ki इजाजत नहीं देता
 आज मुझे परचून की दुकान पर सामान खरीदना अच्छा नहीं लगता
मै भी फंस गया हु इस शौपिंग माल की दौड़ में
मेरी निगाहे हमेशा टिकी होती है 50% डिस्काउंट की or